The Hon'ble Governor

गुजरात राज्य के माननीय राज्यपालश्री आचार्य देवव्रत जी का संक्षिप्त परिचय

व्यक्तिगत परिचय

नाम : आचार्य देवव्रत
माननीय राज्यपालश्री, गुजरात
पिता का नाम : श्री लहरी सिंह
जन्म : 18 जनवरी 1959
पता : राजभवन, गांधीनगर, सैक्टर-20, गांधीनगर-382 020 (गुजरात)
शैक्षिक योग्यताएं : स्नातक, परास्नातक (हिंदी, इतिहास), बी. एड. डिप्लोमा इन - योग विज्ञान, डॉक्टर ऑफ़ नेचरोपैथी एण्ड योगिक साईंस ।
अनुभव : अध्यापन और प्रशासन का 39 वर्ष का अनुभव
12 अगस्त 2015 से 21 जुलाई 2019 तक हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल रहे। इस मध्य सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश में शून्य लागत प्राकृतिक कृषि, गौपालन एवं गौ नस्ल सुधार, बेटी बचाओ बेटी पढाओ, सामाजिक समरसता, नशामुक्ति, वृक्षारोपण एवं जल- संरक्षण के अनेक प्रकल्पों और अभियानों का सरकारी एवं जन भागीदारी से व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन किया। इस कार्यकाल के मध्य इन सभी कार्यक्रमों का प्रदेश के साथ-साथ हिमाचल से लगते अन्य प्रदेशों में भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।

विशेष रुचिया :

  • राष्ट्रवादी चिन्तन एवं भारतीय संस्कृति को जन- मानस तक पहुंचाना।
  • वैदिक मानवीय मूल्यों एवं वैदिक दर्शन पर व्याख्यान ।
  • समाचार - पत्रों एवं पत्रिकाओं के लिए लेख लिखना ।
  • युवाओं को सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना।
  • यौगिक एवं वैदिक जीवन शैली को लोकप्रिय बनाने हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन ।
  • गौ-नस्ल सुधार व प्राकृतिक कृषि के प्रशिक्षण हेतु निःशुल्क शिविर लगाना।
  • भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 'बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ' अभियान से प्रभावित होकर अप्रैल 2015 में चमनवाटिका अंतर्राष्ट्रीय कन्या गुरुकुल की अम्बाला में स्थापना की।
  • यौगिक, आयुर्वेदिक, यज्ञीय एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति का प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार करना ।
  • वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान द्वारा प्रदूषण मुक्त्त समाज रचना।
  • पुस्तक लेखन

विशिष्ट कार्य

  • 1981 से जुलाई 2015 तक गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राचार्य के रूप में कार्य किया । इस संस्था का अद्वितीय उत्कर्ष इसी काल में हुआ । इस मध्य सम्पूर्ण गुरुकुल परिसर का नवीकरण, सभी भवनों का पुनर्निमाण, अध्ययन, अध्यापन एवं खेलकूद की सभी आधुनिक सुविधाएं, प्राकृतिक चिकित्सालय की स्थापना एवं विकास, आधुनिक गौशाला का विकास, 175 एकड़ में प्राकृतिक खेती के प्रयोग एवं कार्यान्वयन, आर्ष महाविद्यालय की स्थापना, शूटिंग रेंज की स्थापना आदि को बृहद् स्तर पर सम्पन्न किया गया । इसी काल में गुरुकुल कुरुक्षेत्र बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की पहली पसंद बना।
  • गुरुकुल परिसर में ही छात्रों हेतु आई. आई. टी., पी. एम. टी., एन. डी. ए. अकादमी स्थापित की गईं ।

भारतीय संस्कृति एवं वैदिक मूल्यों के प्रचार हेतु विदेश यात्राएं

  • अमेरिका, स्विट्ज़रलैंड, नीदरलैण्ड, हालैण्ड, फ्रांस, इग्लैंड, इटली, वेटिकन सिटी, नेपाल, भूटान, सिंगापुर, मॉरिशस व थाईलैंड आदि।

सम्मान एवं पुरस्कार

  • इण्डिया इन्टरनेशनल फ्रेंडशिप सोसायटी, नई दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 22 अगस्त 2003 को भीष्म नारायण सिंह जी, माननीय राज्यपाल, तमिलनाडू द्वारा 'भारत ज्योति अवार्ड', 'सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलैन्स' अवार्ड एवं 'श्रीमती सरला चोपड़ा' अवार्ड से सम्मानित।
  • समाज में महत्वपूर्ण योगदान के लिए अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टीच्यूट द्वारा21 अगस्त 2002 को अमेरिकन मेडल ऑफ आनर से सम्मानित ।
  • ग्रामीण भारत की गैर सरकारी संस्थाओं के परिसंघ सी. एन. आर. आई., नई दिल्ली द्वारा 19 अप्रैल 2005 को सर्टिफिकेट ऑफ आनर इन सर्विस ऑफ रूरल इण्डिया से सम्मानित ।
  • समाज की विशिष्ट सेवाओं के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती द्वारा 2009 में 'जनहित शिक्षक श्री अवार्ड' से सम्मानित ।
  • ऋषि पब्लिक वेल्फेयर ट्रस्ट कुरुक्षेत्र द्वारा 8 मई 2007 को विशिष्ट समाज सेवा के लिए 'समाज सेवा सम्मान' से सम्मानित ।
  • गुरुकुल संस्था की प्रगति के लिए हिमोत्कर्ष साहित्य, संस्कृति एवं जन कल्याण परिषद् ऊना द्वारा 12 फ़रवरी 2006 को हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल द्वारा "हिमोत्कर्ष राष्ट्रीय एकात्मकता" पुरस्कार से सम्मानित ।
  • परोपकारिणी सभा अजमेर द्वारा 'आर्य संस्था व्यवस्थापक सम्मान' से सम्मानित ।
  • श्री एस. के. श्रीवास्तव पूर्व संयुक्त सचिव, उपभोक्ता मंत्रालय द्वारा 30 नवम्बर 2007 को प्राचीन एवं नैतिक मूल्यों के सरंक्षण के लिए 'प्रशस्ति पत्र' द्वारा सम्मानित ।
  • अक्षय ऊर्जा मंत्री हरियाणा श्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा द्वारा 20 अगस्त 2011 को "अक्षय ऊर्जा सम्मान" से सम्मानित ।
  • सार्वदेशिक आर्यवीर दल द्वारा 'विशिष्ठ सेवा सम्मान' से अलंकृत।
  • ऑल इंटेलेक्चुअल परिसंघ एवं शोध केंद्र कुरुक्षेत्र द्वारा 'इंटेलेक्चुअल पर्सनलिटी (विद्वान् रत्न)' से अगस्त 2013 को सम्मानित ।
  • आर्यसमाज आनंद नगर, राजपुरा पंजाब द्वारा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने हेतु 12 अगस्त 2011 को 'प्रशस्ति पत्र' द्वारा सम्मानित ।
  • साईंस ओलम्पियाड फाउंडेशन द्वारा विज्ञान एवं गणित विषयों को लोकप्रिय बनाने के सतत् प्रयास के लिए 'प्रशस्ति पत्र' द्वारा सम्मानित।
  • डी.ए.वी. कालेज मैनेजिंग कमेटी, नई दिल्ली द्वारा वैदिक मूल्यों के विकास के लिए 30 अप्रैल 2012 को 'प्रशस्ति पत्र' द्वारा सम्मानित।
  • आर्यसमाज रादौर (यमुनानगर) द्वारा वैदिक मूल्यों के विकास के लिए 'प्रशस्ति पत्र' द्वारा सम्मानित।
  • आर्य केन्द्रीय सभा, करनाल द्वारा समाज सुधारक के रूप में प्रशंसनीय योगदान के लिए 20 फरवरी 2010 को "विशिष्ट सम्मान" से सम्मानित।
  • मूडी इन्टरनेशनल सर्टिफिकेशन आई.एस.ओ. 9001:2008 लिमिटेड द्वारा क्वालिटी मैनेजमेन्ट के लिए 'प्रशस्ति पत्र' से सम्मानित।
  • रेडक्रॉस सेासायटी, कुरूक्षेत्र द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए 'प्रशस्ति पत्र' से सम्मानित।
  • डॉ. भुक्कल द्वारा कुरूक्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों को सामयिक सहायता पहुँचाने के लिए 'प्रशस्ति पत्र' द्वारा सम्मानित।

सदस्यताएं

  • संस्थापक: चमन वाटिका अंतरराष्ट्रीय कन्या गुरुकुल, अम्बाला (हरियाणा)
  • हरियाणा सरकार द्वारा नामित पूर्व सदस्य, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार ।
  • पूर्व निदेशक, स्वामी श्रद्धानंद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र कुरूक्षेत्र।
  • पूर्व अधिकारी, आर्य विद्या परिषद् हरियाणा।
  • पूर्व मानद सदस्य, हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद्, चण्डीगढ़।
  • पूर्व सदस्य, हरियाणा गोशाला संघ, रोहतक।
  • पूर्व सदस्य, हरियाणा गो सेवा आयोग, चण्डीगढ़।
  • पूर्व प्रधान, भारतीय किसान संघ, हरियाणा।
  • पूर्व सदस्य, महर्षि दयानन्द ई.टी.टी. रिसर्च सेन्टर, धड़ौली, जींद।
  • पूर्व सदस्य, जवाहर नवोदय विद्यालय सलाहकार समिति निवारसी, कुरूक्षेत्र।
  • पूर्व संरक्षक सदस्य, अखिल भारतीय गुरूकुल खेलकूद प्रतियोगिता ।
  • पूर्व सचिव, श्री गोपाल कृष्ण गोशाला, गुरूकुल कुरूक्षेत्र (हरियाणा)।
  • संरक्षक, गुरुकुल कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

साहित्यक कार्य (लेखन एवं सम्पादन)

  • प्रधान सम्पादक, मासिक पत्रिका 'गुरुकुल दर्शन'
  • स्वास्थ्य का अनमोल मार्ग: प्राकृतिक चिकित्सा (अंग्रेजी एवं हिन्दी संस्करण)
  • स्वर्ग की सीढ़ियाँ (पंचमहायज्ञ)
  • वाल्मीकि का राम-संवाद (अनुवाद)
  • गुरूकुल कुरूक्षेत्र का गौरवशाली इतिहास
  • संरक्षक सम्पादक, 'गुरूकुल की वार्षिक स्मारिका'
  • जीरो बजट प्राकृतिक कृषि व कम लागत प्राकृतिक कृषि

लक्ष्य एवं उद्देश्य

  • वैदिक संस्कृति एवं परम्परा के प्राचीन गौरव को प्रतिष्ठापित एवं सम्वर्द्धित करना एवं मानव मात्र में वैज्ञानिक समझ को विकसित करना।

वर्तमान पद :

  • 22 जुलाई, 2019 से राज्यपाल, गुजरात।
  • कुलाधिपति, गुजरात विश्वविद्यालय, अहमदाबाद ।
  • कुलाधिपति, हेमचंद्राचार्य उत्तर गुजरात विश्वविद्यालय, पाटण।
  • कुलाधिपति, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मुक्त विश्वविद्यालय, अहमदाबाद।
  • कुलाधिपति, महाराजा कृष्णकुमारसिंहजी भावनगर विश्वविद्यालय, भावनगर।
  • कुलाधिपति, सरदार पटेल विश्वविद्यालय, वल्लभविद्यानगर, आणंद ।
  • कुलाधिपति, सौराष्ट्र विश्वविद्यालय, राजकोट।
  • कुलाधिपति, वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय, सूरत।
  • विझीटर, महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, वडोदरा।
  • कुलाधिपति, श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय, वेरावल, गीर सोमनाथ।
  • कुलाधिपति, क्रांतिगुरु श्यामजी कृष्ण वर्मा कच्छ विश्वविद्यालय,कच्छ-भुज।
  • कुलाधिपति, गुजरात टेक्नोलॉजीकल विश्वविद्यालय, अहमदाबाद।
  • कुलाधिपति, चिल्ड्रेन्स विश्वविद्यालय, गांधीनगर।
  • कुलाधिपति, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर एज्यूकेशन, गांधीनगर।
  • कुलाधिपति, आणंद कृषि विश्वविद्यालय, आणंद।
  • कुलाधिपति, नवसारी कृषि विश्वविद्यालय, नवसारी।
  • कुलाधिपति, जूनागढ़ कृषि विश्वविद्यालय, जूनागढ़।
  • कुलाधिपति, सरदारकृषिनगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय, दांतीवाड़ा, बनासकांठा।
  • कुलाधिपति, कामधेनू विश्वविद्यालय, गांधीनगर ।
  • कुलाधिपति, गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जामनगर।
  • कुलाधिपति, बिरसा मुंडा ट्राईबल विश्वविद्यालय, राज़पीपला, नर्मदा।
  • कुलाधिपति, गुजरात ओर्गेनिक कृषि विश्वविद्यालय, (कैंप ऑफिस) गांधीनगर।
  • अध्यक्ष, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, गुजरात राज्य शाखा, अहमदाबाद ।
  • अध्यक्ष, गुजरात राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड, अहमदाबाद ।
  • अध्यक्ष, गुजरात कैंसर सोसाइटी, अहमदाबाद ।
  • अध्यक्ष, हिन्द कुष्ट निवारण संघ, गुजरात स्टेट ब्रांच, अहमदाबाद।
  • पेट्रन, गुजरात राज्य भारत स्काउट्स एंड गाईड्स, अहमदाबाद ।
  • अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन ।